Ram mandir ayodhya opening date :- PM मोदी और मोहन भागवत ने गर्भगृह में विशेष पूजन किया, भगवा ध्वज अभिजीत मुहूर्त में फहरेगा अमर उजाला नेटवर्क/अयोध्या आज अयोध्या एक ऐतिहासिक घटना का साक्षी है।

Ram mandir ayodhya opening date:-   PM मोदी और मोहन भागवत ने गर्भगृह में विशेष पूजन किया, भगवा ध्वज अभिजीत मुहूर्त में फहरेगा अमर उजाला नेटवर्क/अयोध्या आज अयोध्या एक ऐतिहासिक घटना का साक्षी है।

Ram mandir ayodhya opening date

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर पहली बार भव्य भगवा ध्वज फहराया जाएगा। सुबह से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और RSS प्रमुख मोहन भागवत विशेष अनुष्ठानों में शामिल हो गए। दोनों ने श्री राम दरबार के गर्भगृह में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा की। इसका महत्व बढ़ गया है क्योंकि यह विवाह पंचमी और अभिजीत मुहूर्त के पवित्र काल में होता है। —– श्रीराम मंदिर का पहला ध्वजारोहण: एक ऐतिहासिक शुरुआत आज अयोध्या के राम मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज पहली बार फहराया जाएगा।

यह सिर्फ एक ध्वज नहीं है; यह भारत की सांस्कृतिक विरासत, रामराज्य के आदर्शों और आस्था का प्रतीक है। मंदिर निर्माण पूरा होने के बाद इस समय पहली बड़ी परंपरा की शुरुआत होगी। मंदिर ट्रस्ट का कहना है कि ध्वज पर ॐ, कोविदारा वृक्ष और चमकते सूर्य का दिव्य चिन्ह अंकित होगा। सभी प्रतीक धार्मिक और आध्यात्मिक हैं— सूर्य—भगवान राम का ‘सूर्यवंशी’ स्वरूप, कोविदारा वृक्ष शांति, समृद्धि और दीर्घायु का प्रतीक है।

Ram mandir ayodhya opening date

ॐ—ब्रह्मांड की मूल ध्वनि, परम शक्ति का प्रतीक —– प्रधानमंत्री मोदी और मोहन भागवत का गर्भगृह पूजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह 10 बजे के आसपास अयोध्या पहुंचे। मंदिर परिसर में उनका उत्साहपूर्ण स्वागत हुआ। मंदिर ट्रस्ट के संत और मोहन भागवत पहले से ही गर्भगृह में थे। पूजा के समय—वैदिक मंत्रों को वैदिक आचार्यों ने उच्चारण किया, गर्भगृह में रामलला विराजमान की विशेष आरती की गई, और चंदन, अक्षत, तुलसी और फूलों का पूजन हुआ। ध्वजारोहण से पहले पूर्वांग कार्य पूरा हुआ। प्रधानमंत्री ने पूजा के बाद कहा कि अयोध्या भारत की सांस्कृतिक चेतना का उत्सव है।

ध्वजारोहण अभिजीत मुहूर्त में क्यों? ध्वज फहराने का समय अभिजीत मुहूर्त है। यह भगवान विष्णु का विशिष्ट काल है। अभिजीत मुहूर्त की विशेषताएं— मंगल कार्यों के लिए बेहतरीन यश, जीत और प्रगति का प्रतीक धार्मिक कार्यों में बहुत अच्छा ध्वज भी सूर्य का प्रतीक है क्योंकि भगवान राम सूर्यवंश के राजा हैं। इसलिए ध्वज को अभिजीत मुहूर्त में फहराना बहुत शुभ माना जाता है।

अयोध्या में श्रद्धालुओं का सैलाब: श्री राम की जय हर जगह। लाखों श्रद्धालु अयोध्या में ध्वजारोहण के लिए पहुंचे हैं। अयोध्या पूरी तरह से उत्सवस्थल की तरह सजाई गई है— मंदिर के आसपास फूलों की सुंदर सजावट राम पथ और धर्म पथ पर श्री राम की प्रशंसा कई किलोमीटर लंबी भक्तों की कतारें, पुख्ता सुरक्षा इंतजाम, चार हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात संस्कृति मंत्रालय ने रामकथा, रामलीला और भजन संध्या की व्यवस्था की। अयोध्या में कहीं ढोल-नगाड़े तो कहीं शंखनाद और मंत्रोच्चार बज रहे हैं। राम को पूरा शहर मानता है।

ध्वज की विशेषताएँ: विशिष्ट कपड़ा और रंग मंदिर के शिखर पर फहराने वाला यह अद्वितीय ध्वज है— 1. श्वेत रंग पुरानी संस्कृति में शक्ति, त्याग और धर्म का प्रतीक है। 2. सूरज का संकेत रामलला के सूर्यवंशी वंश का धार्मिक महत्व 3. कोविदारा पेड़: इसका वर्णन अयोध्या की प्राचीन परंपरा में सुरक्षा और समृद्धि का प्रतीक था।

4. शीर्ष पर “ॐ” शब्द अध्यात्म, धर्म और ब्रह्मांडीय ऊर्जा का सर्वोच्च संकेत है। 5. आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर यज्ञ और मंत्रोच्चार ने ध्वज को पवित्र किया है। —– मंदिर परिसर में आज का कार्यक्रम— सभी कार्यक्रम आज बहुत सी महत्वपूर्ण गतिविधियां होती हैं। प्रमुख कार्यक्रम: सुबह आठ बजे से वैदिक कार्यक्रम 10:30 सुबह: प्रधानमंत्री मोदी और मोहन भागवत की पूजा गर्भगृह में 11:24 पूर्वाह्न (अभिजीत मुहूर्त)—शिखर पर समारोह दोपहर 12 बजे श्रीराम की महाआरती और शाम पांच बजे सांस्कृतिक कार्यक्रम भक्तों को इस ऐतिहासिक दृश्य का आनंद लेने के लिए मंदिर और रामकथा पार्क में एलईडी स्क्रीन लगाई गई हैं।

ध्वजारोहण की धार्मिक महत्ता ध्वजारोहण एक धार्मिक और राजनीतिक क्रिया है। ध्वज का मतलब—विजेता और वीरता का प्रतीक धर्म को बचाने का सन्देश राम राज्य के सिद्धांतों का फैलाना श्रद्धा और समर्पण का प्रदर्शन हिंदू धर्म में ध्वज को “धर्मध्वज” कहा जाता है, जो सत्य की अडिगता और धर्म की पहचान का प्रतीक है। —– अयोध्या में नवीनीकरण राम मंदिर की स्थापना के बाद अयोध्या में कई नई विकास योजनाओं का कार्यान्वयन हुआ है— 65 मीटर चौड़ा राममार्ग 13 किलोमीटर का धार्मिक मार्ग विश्वव्यापी हवाई अड्डा भविष्य में रामायण संग्रहालय सरयू तट पर प्रकाश और ध्वनि प्रदर्शन ध्वजारोहण के साथ अयोध्या में हुआ यह बदलाव और भी सुंदर लगने लगा है।

देश भर में आयोजन—मंदिरों में विशेष पूजा श्रद्धालु पूरे देश में अपने-अपने मंदिरों में विशेष पूजा कर रहे हैं, न सिर्फ अयोध्या में। कई राज्यों—शानदार यात्राएँ हवन। रामचरितमानस का अध्ययन दीपक योग संध्या में आयोजित हो रहेा है। भक्तों का उत्साह भी सोशल मीडिया पर चरम पर है। —– #RamMandirDhwajarohan सोशल मीडिया पर छाया #RamMandirDhwajarohan 2025 ट्विटर, फेसबुक, यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर ट्रेंड कर रहा है। लाखों लोगों ने लाइव अपडेट देखा है। यह ऐतिहासिक क्षण हर वर्ग में उत्सव की तरह मनाया जा रहा है, चाहे युवा हों या बच्चे हों।

आज का दिन विशेष क्यों है? — विवाह पंचमी का शुभ अवसर विवाह पंचमी आज है—उसी दिन माता सीता और भगवान राम का विवाह हुआ था। आज दिन—प्रेम और वफादारी, धर्म और नियम, और आदर्श परिवार का संकेत मिलता है। विवाह पंचमी पर ध्वजारोहण करना एक अद्भुत संयोग है।

Conclusion: सदियों बाद अयोध्या में पुनः जय श्री राम की आवाज आज भारत की संस्कृति, आस्था और वैभव का उत्सव है, न कि सिर्फ ध्वज फहराने का। सदियों से इंतजार करने वाली अयोध्या आज अपनी धार्मिक नगरी की पहचान को जीवित कर रही है। इस आयोजन को प्रधानमंत्री मोदी और संघ प्रमुख मोहन भागवत की मौजूदगी ने और भी खास बना दिया है।

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