Lalbaugcha raja 2026:- लालबागचा राजा 2026 का रूप देखकर आप सब भी कहेंगे गणपति बप्पा मोरिया।

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Lalbaugcha raja 2026:- जब भी मुंबई में गणेश उत्सव शुरू होता है, तो एक नाम अपने आप ही चर्चा में आ जाता है: लालबागचा राजा। बप्पा के दर्शन करने वाले सिर्फ़ धार्मिक ही नहीं होते, बल्कि उनमें गहरी आस्था और विश्वास भी होता है। lalbaugcha raja 2026

इस साल लालबागचा राजा 2026 को लेकर ज़बरदस्त उत्साह है। बप्पा को इस तरह सजाया जाता है कि जब आप बाहर से उनके दर्शन करने आते हैं, तो जैसे ही वे प्रकट होते हैं, अंदर से एक श्रद्धा भरी आवाज़ आती है, “गणपति बप्पा मोरया!”

लालबागचा राजा में ऐसा क्या खास है? lalbaugcha raja 2026

यह लालबागचा राजा सिर्फ़ मुंबई में ही नहीं बल्कि कई देशों में भी मिलते हैं। कुछ लोग बप्पा से अपनी इच्छाएं ज़ाहिर करते हैं, तो कुछ अपने परिवार के साथ भक्ति के खूबसूरत पल बिताते हैं।

बप्पा के सामने खड़े होने पर शेर जैसा महसूस होता है और रोज़ की सारी परेशानियां पीछे छूट जाती हैं। भक्त हाथ जोड़कर अपने परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना करते हैं। यही बात लालबागचा राजा को खास बनाती है। lalbaugcha raja 2026

2026 में गणपति कब है?

गणेश चतुर्थी 2026 सोमवार, 14 सितंबर, 2026 को मनाई जाएगी।
त्योहार की खास जानकारी
गणेश चतुर्थी की तारीख: 14 सितंबर, 2026
स्थापना मुहूर्त (मूर्ति स्थापना): 14 सितंबर, 2026, सुबह 11:02 बजे से दोपहर 1:31 बजे तक
चतुर्थी तिथि शुरू: 14 सितंबर, 2026, सुबह 7:06 बजे
चतुर्थी तिथि खत्म: 15 सितंबर, 2026, सुबह 7:44 बजे

लालबागचा राजा कब शुरू हुआ?

लालबाग राजा की स्थापना 12 सितंबर, 1934 को मुंबई में हुई थी।

खास बातें
संस्थापक: मछुआरों (कोली समुदाय) और लालबाग के स्थानीय व्यापारियों ने इसकी स्थापना की।

कारण: 1932 में पेरू चॉल में स्थानीय बाज़ार बंद होने के कारण, उन्होंने बाज़ार के फिर से खुलने पर आभार व्यक्त करने के लिए 1934 में बप्पा की स्थापना की।

धर्म: उन्हें नवश्च गणपति (भक्तों की इच्छा पूरी करने वाले राजा) के रूप में जाना जाता है।

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