Assam cricket team :- सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 विवाद: BCCI की एंटी-करप्शन जांच के बाद असम क्रिकेट संघ की बड़ी कार्रवाई
Assam cricket team:- सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 क्यों बनी विवाद का केंद्र?
चार खिलाड़ियों को BCCI Anti-Corruption Unit ने सस्पेंड कर दिया। भारत में घरेलू क्रिकेट में भ्रष्टाचार और निष्पक्षता फिर से चर्चा में हैं। असम क्रिकेट संघ (ACA) ने 2025 की सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी से चार खिलाड़ियों को बाहर कर दिया है।
BCCI की एंटी करप्शन एंड सिक्योरिटी यूनिट (ACSU) की जांच रिपोर्ट में इन खिलाड़ियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं कि वे मैच की पारदर्शिता को कम कर रहे हैं। असम क्रिकेट के अलावा, इस मामले ने भारतीय घरेलू क्रिकेट प्रणाली की पारदर्शिता और सुरक्षा पर भी प्रश्न उठाया है। 2025 में होने वाली सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी पर बहस क्यों चल रही है? भारत का सबसे बड़ा घरेलू टी20 टूर्नामेंट सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी है, जो भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) द्वारा आयोजित किया जाता है। assam cricket team
युवा खिलाड़ियों को हर साल राष्ट्रीय और आईपीएल खेलों में भाग लेने का अवसर मिलता है। 2025 में पूरे देश में खेला जाएगा। ग्रुप स्टेज मैच खत्म हुए; सुपर लीग अब होती है। इस बीच, असम क्रिकेट संघ ने एक विचित्र निर्णय लिया। —- पारदर्शिता के खिलाफ आरोप असम क्रिकेट संघ ने कहा कि कुछ खिलाड़ियों ने 2025 में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में खेल की शुचिता को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया।
असम क्रिकेट संघ का चौंकाने वाला फैसला
परीक्षण ने पाया कि आरोपित खिलाड़ियों ने लखनऊ में खेले गए मैचों में अपनी वर्तमान असम टीम के खिलाड़ियों से संपर्क किया और उन्हें प्रभावित करने की कोशिश की, जो खेल के परिणाम या प्रक्रिया को बदल सकता था। BCCI की एंटी करप्शन शाखा ने इन शिकायतों को गंभीरता से लिया और तुरंत जांच शुरू की। किसे विजेता घोषित किया गया? असम क्रिकेट संघ ने इन चार खिलाड़ियों को बाहर कर दिया है:
ये चारों खिलाड़ी असम की क्रिकेट टीम में खेलते थे और इन पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। संघ ने सूचना दी। इन खिलाड़ियों को जांच पूरी होने तक क्रिकेट नहीं खेलने दिया जाएगा। —– BCCI की एंटी करप्शन और सुरक्षा शाखा (ACSU) का क्षेत्राधिकार: ACSU भारतीय क्रिकेट में भ्रष्टाचार को नियंत्रित करने में सबसे महत्वपूर्ण संगठन है। यह उपकरण संदिग्ध संपर्क और लेन-देन का विश्लेषण करता है,
राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मैचों की निगरानी करता है, और खिलाड़ियों की गतिविधियों को देखता है। ACSU ने भी तकनीकी और मानवीय खुफिया डेटा का उपयोग करके असम क्रिकेट मामले की जांच की। एफआईआर दर्ज की गई और मामला पुलिस थाने भेजा गया। इस मामले में, न सिर्फ खेल स्तर पर, असम क्रिकेट संघ ने कानूनी कार्रवाई की।
किन चार खिलाड़ियों को किया गया सस्पेंड?
December 12, 2025: चारों खिलाड़ियों ने गुवाहाटी की अपराध शाखा को शिकायत दी। खिलाड़ियों ने 26 नवंबर से 8 दिसंबर 2025 के बीच लखनऊ में खेलते समय खिलाड़ियों को गलत दिशा देने की कोशिश की, संघ ने बताया। असम क्रिकेट संघ ने स्पष्ट संकेत भेजे हैं। असम क्रिकेट संघ ने घोषणा की कि वे निष्पक्षता, पारदर्शिता और शुचिता से किसी भी तरह का समझौता नहीं करेंगे।
जिस खिलाड़ी ने खेल की गरिमा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। संघ ने यह भी कहा कि भविष्य में और भी कड़ी सजा दी जा सकती है अगर आरोप सिद्ध होते हैं। —– इस बहस में, 2025 सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में भी असम टीम ने बुरा प्रदर्शन किया था। दल थाई एलीट ग्रुप-ए में था। उसने सात मैच खेले, बारह अंक हासिल किए और केवल तीन जीत और चार हार प्राप्त कीं।
वह टेबल पर सातवें स्थान पर भी रहा। इस खराब प्रदर्शन के कारण असम टीम ग्रुप स्टेज से बाहर हो गई। पराग की कप्तानी करते हुए भी रियान कमजोर दिखाई दिया। इस सीजन में राजस्थान रॉयल्स के आईपीएल खिलाड़ी रियान पराग ने असम टीम की कप्तानी की। लेकिन दल ने अपने लक्ष्यों को पूरा नहीं किया; प्रशंसकों ने बड़ी उम्मीद की थी। Experts कहते हैं कि टीम में अनुशासनहीनता, अंदरूनी बहस और आपसी सहयोग की कमी सब कुछ हुआ।
क्या हैं खिलाड़ियों पर लगे गंभीर आरोप?
राष्ट्रीय क्रिकेट में अनियमितता: घरेलू क्रिकेट में भ्रष्टाचार एक बहुत पुराना मुद्दा है। यह पहले भी हो चुका था: अब अवैध सट्टेबाजी, स्थान फिक्सिंग और खेल फिक्सिंग के मामले सामने आए हैं। BCCI ने राष्ट्रीय क्रिकेट को सुधारने के लिए जीरो टॉलरेंस पॉलिसी की मांग की है। इस नीति ने इस कार्रवाई को असम क्रिकेट संघ से मंजूरी दी है। खिलाड़ी क्या भविष्यवाणी करेंगे? इन चारों खिलाड़ियों के करियर पर गहरा असर पड़ सकता है अगर जांच में सही आरोप पाए जाएं।
इस प्रकार की सजा की संभावना है: BCCI की अनुमति समाप्त होने पर खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट में वापस नहीं आ सकेंगे। क्रिकेट विश्लेषकों और प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। बहुत से लोगों का मानना है कि घरेलू क्रिकेट महान खिलाड़ियों को जन्म देगा। युवा खिलाड़ियों का मनोबल भ्रष्टाचार से गिरता है। बदमाशों को बड़ी सजा मिलनी चाहिए। BCCI ने भी सुझाव पाया है।
BCCI भी मजबूत करना चाहता है। खिलाड़ियों को भविष्य में करप्शन से बचाने के लिए एंटी-करप्शन ट्रेनिंग दी जाए और घरेलू टूर्नामेंट सुरक्षित रखें। क्या लगता है? अब यह इस पूरे मामले में क्या होगा तय करेगा: जांच पूरी होने तक चारों खिलाड़ी बाहर रहेंगे; यह BCCI Anti-Corruption Unit की अंतिम रिपोर्ट है।
BCCI एंटी-करप्शन एंड सिक्योरिटी यूनिट की भूमिका
– महान असम क्रिकेट संघ ने चार खिलाड़ियों को सस्पेंड किया, जो अब भारतीय क्रिकेट में ईमानदारी और नियमों पर ध्यान देता है। खेल सिर्फ जीत और हार नहीं है; यह निष्पक्षता और विश्वास का भी प्रतीक है।













