Virat kohli centuries:- रांची में विराट कोहली का जलवा – 52वां शतक और इतिहास रच दिया
Virat Kohli Century: 52वां शतक जड़कर विराट कोहली ने रांची में सचिन तेंदुलकर को पीछे छोड़ा. भारतीय क्रिकेट में बल्लेबाज अपने बल्ले से ही अपने भविष्य का उत्तर देता है। रांची के मैदान पर टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और विश्व के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से एक विराट कोहली ने ठीक यही किया।
साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहले वनडे में कोहली ने सभी प्रश्नों, आलोचनाओं और संदेहों को दूर करते हुए एक बार फिर अपना नाम किंग कोहली साबित कर दिया। जबकि कई क्रिकेट विश्लेषकों ने 2025 में उनका वनडे फॉर्म आने वाला बताया, विराट कोहली ने रांची में बल्ला घुमाते ही इतिहास रच दिया। 102 गेंदों में जड़ा गया शतक उनकी क्लास का प्रमाण है और भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक अनमोल रिकॉर्ड है।
कोहली ने तोड़ा सचिन तेंदुलकर का बड़ा रिकॉर्ड, बने वनडे के बादशाह Virat kohli centuries
विराट कोहली का शानदार शतक रांची में विराट कोहली ने अपना 52वां वनडे शतक जमाया, इसके साथ ही सचिन तेंदुलकर का मशहूर रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिसमें उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 51 शतक लगाए थे। सचिन तेंदुलकर ने 51 टेस्ट शतक लगाए हैं। विराट कोहली ने 52 ओडीआई शतक लगाए हैं, जो अब एक फॉर्मेट में सर्वाधिक है। कोहली ने इसी फॉर्मेट में सर्वाधिक अंतरराष्ट्रीय शतक बनाकर क्रिकेट इतिहास में पहला स्थान बनाया।
बल्लेबाजों की दुनिया में शायद ही कोई ऐसा मुकाम छू पाया होगा। —– विराट और रांची की अटूट जोड़ी JSCA इंटरनेशनल स्टेडियम का इतिहास बताता है कि यह मैदान हमेशा महान खेलों के लिए प्रतीक्षित था। विराट ने इस मैदान पर पहले भी दो शतक लगाए हैं। रविवार को उनका तीसरा शतक हुआ, जो इस क्षेत्र के प्रति उनके प्रेम को मजबूत करता था।
आलोचकों को करारा जवाब – विराट कोहली का दमदार शतक Virat kohli centuries
विराट की यात्रा रांची: 1वीं सदी ओडीआई, 2nd ODI शताब्दी, 3rd ODI शताब्दी (नवंबर 2025 तक)। यह क्रम बताता है कि विराट कोहली इस क्षेत्र में हमेशा अलग होते हैं। यहां की पिच, दर्शकों का उत्साह और वातावरण उन्हें बेहतर खेलने के लिए प्रेरित करते हैं। —– विराट कोहली का क्रीज पर आते ही शानदार अंदाज भारत ने शुरुआत में ही यशस्वी जायसवाल का विकेट खो दिया। क्षेत्र तनावपूर्ण था। जब विराट कोहली तीसरे स्थान पर आते हैं, तो उनके लक्ष्य शुरू से ही स्पष्ट थे।
पहले २० रन: शुरुआत से ही चौकों की बारिश होती है, बीच-बीच में अजीब छक्के। रोहित शर्मा ने 136 रन की साझेदारी बनाई। विराट कोहली की बल्लेबाजी में वह पुरानी आक्रामकता दिखाई दी, जो उन्होंने पिछले कई सालों तक अपने विरोधियों पर विजय प्राप्त करने के लिए इस्तेमाल की थी। —– शतक: 38वें ओवर का वह शानदार क्षण विराट कोहली को अपना शतक पूरा करने की जल्दबाजी नहीं थी। वे लगातार रन करते रहे और स्ट्राइक को रोटेट करते रहे।
JSCA स्टेडियम में कोहली का तीसरा शतक, फैंस में जश्न का माहौल. Virat kohli centuries
अंत: 38वें ओवर में उन्होंने शानदार चौका जड़कर इस साल अपना दूसरा शतक पूरा किया और साउथ अफ्रीकी गेंदबाजों को हिलाकर रख दिया। 100 रन, 102 गेंदों पर। इस पारी में कई छक्के और चौके मिले। दर्शकों का शानदार स्वागत—उस क्षण स्टेडियम एक महान उत्सव बन गया था। —– विराट ने 135 रनों की शानदार पारी खेली। शतक के बाद भी कोहली नहीं रुके। वे डबल सेंचुरी की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन पीठ दर्द और हल्की थकान ने उन्हें रुकने पर मजबूर कर दिया।
लेकिन वे 43वें ओवर तक टिके रहे और बड़ा शॉट मारकर कैच आउट हो गए। लेकिन तब तक वे रांची को ध्वस्त कर चुके थे। विराट कोहली का प्रदर्शन: 135 गोल: 120 गेंद, ११ चौके, 7 गोल स्ट्राइक दर 112.50 विराट ने इस पारी में शानदार हिटिंग भी की। लगभग 750 दिनों के बाद, उन्होंने एक पारी में इतने छक्के लगाकर वनडे में अपने “छक्का-स्टाइल” को वापस लाया। —– रांची में प्रशंसकों का दिल जीता। स्टेडियम में खड़े होकर विराट का सम्मान कर रहे थे।
135 रनों की तूफानी पारी, 11 चौके और 7 छक्कों की बरसात
हर जगह कोहली की आवाजें थीं। यह दृश्य साबित करता था कि प्रशंसकों का प्यार हमेशा उनके साथ रहता है, चाहे वे विराट हों या नहीं। और इस खेल ने प्यार का सुंदर उत्तर दिया। —– कोहली ने आलोचकों और “फैसला लेने वालों” को करारा उत्तर दिया। पिछले कुछ महीनों से BCCI और क्रिकेट विश्लेषकों ने यह प्रश्न पूछा है: क्या विराट को वनडे खेलने से हटाना चाहिए? क्या टी20 की तरह ODI में भी उन्हें सीमित करना चाहिए? क्या अगली पीढ़ी को अधिक अवसर मिलेंगे? इन सभी सवालों का विराट कोहली का यह शतक एक ‘बल्लेबाजी वाला जवाब’ है।
विराट ने प्रदर्शित किया कि क्रिया तत्काल होती है, क्लास स्थायी है, और महान खिलाड़ी कभी नहीं थकते। —– विराट कोहली और सचिन तेंदुलकर: अब किसकी तुलना है? विराट की हर बार सचिन तेंदुलकर से तुलना होने लगती है। सचिन ने 51 टेस्ट शतक लगाकर एक ऐसा रिकॉर्ड बनाया था, जिसे क्रिकेट ने दो पीढ़ियों तक तोड़ नहीं पाया था। लेकिन विराट कोहली ने 2025 में वनडे में यह रिकॉर्ड तोड़ दिया।
शतक के साथ कोहली की धमाकेदार वापसी, वनडे करियर में नया अध्याय
सचिन तेंदुलकर (टेस्ट क्रिकेट): 51 वर्ष, 200 खेल विराट कोहली (एकदिवसीय खेल): 52 साल: 306 खेल यह उपलब्धि भी विशिष्ट है क्योंकि कोहली का अधिकांश करियर आधुनिक क्रिकेट के दबाव, T20 के दबाव और तीव्र प्रतिस्पर्धा में बीता है। —– विराट की वनडे क्रिकेट में वापसी विराट का ऑस्ट्रेलिया दौरा कुछ खास नहीं था। आलोचकों ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि कोहली को शायद अब कम वनडे खेलना चाहिए। लेकिन विराट की वापसी का सबूत रांची की यह पारी है।
इस वर्ष उनका दूसरा शतक: 1. पाकिस्तान के खिलाफ, दुबई (CT 2025) 2. नवंबर 2025: दक्षिण अफ्रीका का मैच रांची में था। विराट के दोनों शतक बड़े मैचों में हुए हैं। —– कोहली की मानसिकता और फिटनेस की शान को विराट फिटनेस भी कहा जाता है। उन्हें 36 साल की उम्र में भी दुनिया का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बनाए रखने में उनकी कड़ी मेहनत और डाइट योजना का योगदान रहा है।
रोहित-कोहली की 136 रन की साझेदारी ने इंडिया को दिया मज़बूत आधार
रांची में उनकी बल्लेबाजी में उनकी फिटनेस साफ दिखाई दी, जिसमें लंबे शॉट, रनिंग के दौरान उच्च गति और गर्मी में भी धैर्य दिखाई दिए। पीठ दर्द के कारण शायद उन्होंने 150 से अधिक रनों की पारी गंवा दी, लेकिन उन्होंने जो पारी खेली, उसने दुनिया भर का दिल जीत लिया। —– विराट का भारत की जीत में योगदान भारत ने पहले बल्लेबाजी करके एक बड़ा स्कोर बनाया। टीम इंडिया का पहला विकेट जल्दी गिरने के बावजूद विराट कोहली ने पारी को संभाला, मध्य क्रम को स्थिर किया और रन रेट को बढ़ाते रहे।
यह पारी विराट के बिना खेली गई होती तो भारत शायद 250 पार नहीं कर पाता था। —– विराट कोहली का 52वां शतक: यह सिर्फ 100 वर्ष नहीं था। रिकॉर्ड टूटने वाली माइलस्टोन करियर में एक नई शुरुआत प्रेमियों को अमूल्य उपहार क्रिकेट जगत को पता चला कि किंग कोहली अभी खत्म नहीं हुआ। —– SEO कीवर्ड सूची निम्नलिखित कीवर्ड्स इस लेख का आधार हैं: Virat Kohli शताब्दी 52 वीं शताब्दी: Virat Kohli Virat Kohli और Sachin Tendulkar का मुकाबला
रिकॉर्ड्स की किताब में फिर जुड़ा विराट कोहली का नाम
रांची में खेले गए 52वें शतक ने क्रिकेट इतिहास को बदल दिया है। आने वाली पीढ़ियों के लिए यह शतक प्रेरणादायक होगा। कोहली ने आलोचकों को चुप कर दिया, रिकॉर्ड बुक में एक नया लेख लिखा, और पूरी दुनिया को एक सन्देश भेजा— “राजा फिर से है… और इस बार उससे भी अधिक खतरनाक होकर।”









