Birth and death certificate:- Death Certificate घोटाला : मौत के बाद भी नहीं मिली शांति! रिम्स में मृत्यु प्रमाण पत्र के नाम पर अवैध वसूली का शर्मनाक खेल
Birth and death certificate:- मौत के बाद भी लूट! रिम्स में Death Certificate बना कमाई का जरिया
Birth and death certificate:- Death Certificate Fraud: झारखंड में मृत्यु के बावजूद लूट! रिम्स में मृत्यु प्रमाणपत्र के नाम पर अवैध वसूली का काला सच birth and death certificate Jharkhand News के अनुसार, झारखंड की राजधानी रांची में राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) पर एक बार फिर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
इस बार मामला अत्यंत जटिल है. birth and death certificateमृत्यु प्रमाणपत्र (मृत्यु प्रमाणपत्र) के नाम पर गैरकानूनी वसूली का आरोप है कि मरीज की मौत के बाद दलालों और कुछ कर्मचारियों ने खुलेआम परिजनों से birth and death certificate “तत्काल प्रमाण पत्र” दिलाने के बदले पैसे मांगे हैं। यह केवल भ्रष्टाचार नहीं है, बल्कि इंसानियत को शर्मसार करने वाला कृत्य है।
शिकायत सीधे रिम्स निदेशक तक पहुंची तो मामला उजागर हुआ। निदेशक ने कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि दोषियों को जेल भेजा जाएगा अगर जांच में आरोप सही पाए जाएंगे। इस पूरे घटनाक्रम ने झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न उठाए हैं। मृत्यु का प्रमाणपत्र क्यों इतना महत्वपूर्ण है?
birth and death certificate:- तत्काल प्रमाण पत्र या रिश्वत? परिजनों की मजबूरी का नाजायज फायदा
birth and death certificate:- (मृत्यु प्रमाण पत्र की महत्व) मृत्यु प्रमाण पत्र कई कानूनी और सामाजिक प्रक्रियाओं का आधार है। बिना इसके: बैंक खाते बंद नहीं हो पाते, बीमा क्लेम अटक जाते हैं, पेंशन और सरकारी योजनाएं नहीं मिलतीं, संपत्ति नामांतरण में कठिनाई होती है परिवार कानूनी समस्याओं का सामना करता है।
ऐसे में इस महत्वपूर्ण दस्तावेज को बनाने के लिए गरीब परिवार से धन वसूला जाएगा, तो यह सीधे-सीधे शोषण की श्रेणी में आ जाएगा। रिम्स में अवैध वसूली का खेल कैसे चलता है? birth and death certificate रिम्स में मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए एक संगठित नेटवर्क सक्रिय है; शिकायतें हैं। इस प्रक्रिया का विवरण निम्नलिखित है: जब मरीज मर जाता है और परिजन प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करते हैं,
तो एक कर्मचारी या बिचौलिया “देरी” का हवाला देते हैं और फिर कहते हैं, “2000 रुपये देंगे तो आज या कल में प्रमाण पत्र मिल जाएगा।” फाइल को पैसा नहीं देने पर जानबूझकर रोका जाता है। यह पूरी व्यवस्था गरीब और दुखी परिवारों की परेशानियों से लाभ उठाती है। रिम्स निदेशक डॉ. राजकुमार ने तुरंत कार्रवाई की: “दोषी जाएंगे जेल।
200 रुपये से शुरू होकर 2000 तक सौदेबाजी, कैसे चलता है अवैध नेटवर्क
” उन्होंने बताया कि प्रभारी ने जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र काउंटर के कर्मचारियों से जवाब मांगा और उन्हें स्पष्ट चेतावनी दी कि “मृत्यु प्रमाण पत्र के नाम पर पैसा लेना मानवता के खिलाफ अपराध है।” निदेशक ने कहा कि संस्थान की प्रतिष्ठा को खराब करने वालों को किसी भी तरह से सजा नहीं दी जाएगी। शिकायत के बाद कर्मचारियों में भय का मामला सामने आने के बाद रिम्स के संबंधित काउंटरों पर काम करने वाले लोग भयभीत हैं।
बहुत से कर्मचारी जेल जाने का भय भोग रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, कुछ लोगों ने भी सबूत मिटाने की कोशिश की है। रामगढ़ की गीता देवी का आरोप: एक आम महिला की शिकायत ने पूरे मामले को जन्म दिया, जिसमें 200 से 2000 रुपये की मांग की गई थी। रामगढ़ की रहने वाली गीता देवी ने दावा किया कि आवेदन करते समय उनसे 200 रुपये लिए गए, लेकिन बाद में फोन कर कहा गया कि “2000 रुपये देंगे तो तुरंत प्रमाण पत्र मिल जाएगा।
” गीता देवी ने शिकायत को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया, जिससे मामला सामने आया। कानून क्या कहता है? (विधिगत कार्रवाई गैरकानूनी ठगी पर) भारत में, सरकारी दस्तावेजों को रिश्वत देना दंडनीय अपराध है। IPC और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत जेल, जुर्माना, और नौकरी से बर्खास्तगी जैसी कठोर सजा का प्रावधान है, जिसके परिणामस्वरूप दोषियों को अधिक कठोर परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा।
birth and death certificate! शिकायत पहुंचते ही मचा हड़कंप, रिम्स निदेशक का सख्त रुख
झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठते प्रश्न: यह पहला मौका नहीं है जब राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था चर्चा में आई है। इससे पहले भी: ICU बेड भरा होने के कारण मरीज को ICU से लौटाया गया, जिससे दवाओं और जांच में अवैध वसूली की शिकायतें आईं। यह मामला व्यवस्था की संवेदनहीनता को उजागर करता है। जनता का सवाल: यह शोषण कब समाप्त होगा?
हर मौत के बाद परिवार को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है। ऐसे समय में सरकारी अस्पताल ही धन की मांग करेगा, तो भरोसा टूट जाएगा। क्या गरीबों को न्याय मिलेगा? क्या वास्तव में दोषियों पर कार्रवाई होगी? क्या यह मामला कुछ दिनों में ठंडा हो जाएगा? इस पूरे मामले के बाद जनता ने सरकार और प्रशासन से अधिक उम्मीदें की हैं। सरकार और प्रशासन चाहते हैं कि: मृत्यु प्रमाण पत्र प्रक्रिया को पूरी तरह से ऑनलाइन किया जाए।
Birth and death certificate! काउंटर सिस्टम में CCTV और निगरानी बढ़ाई जाए। शिकायतों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए जाएं दोषियों को सार्वजनिक रूप से सजा दी जाए बिना रिश्वत (विधि प्रक्रिया दिशानिर्देश) अगर आप या आपके मित्र इस स्थिति में हैं, तो सही प्रक्रिया जान लें: मृत्यु रिपोर्ट अस्पताल से प्राप्त करें, नगर निगम, पंचायत या अस्पताल के प्रमाण पत्र काउंटर पर आवेदन करें, सभी आवश्यक दस्तावेजों को संलग्न करें,
Birth and death certificate! काउंटर कर्मचारियों में खौफ, जांच के डर से उड़ गई नींद
और आपका कानूनी अधिकार है कि समय पर प्रमाण पत्र प्राप्त करें। रिश्वत मांगे जाने पर लिखित शिकायत दर्ज करें: रिम्स में मृत्यु प्रमाण पत्र के नाम पर अवैध वसूली का मामला केवल एक अस्पताल की समस्या नहीं है; यह पूरे सिस्टम की कमजोरियों को भी दिखाता है। निदेशक का सख्त रुख आशावादी है, लेकिन असली परीक्षा अब शुरू हुई है।











