Chandigarh india:- चंडीगढ़ ने कुत्ते पालने के नियमों को अधिक कठोर कर दिया: कुछ नस्लों पर प्रतिबंध, खुले में शौच पर 10 हजार का जुर्माना। Chandigarh पशु कानून 2025: डॉग, डोगो अर्जेंटीनो, पिटबुल और बैन सब घर के आकार के हिसाब से ही रख सकते हैं।
चंडीगढ़ प्रशासन ने सामुदायिक डॉग्स और पालतू कुत्तों पर बड़ा निर्णय लिया है। ‘पेट एंड कम्युनिटी डॉग बायलॉज 2025’ ने कठोर नियम बनाए हैं जो कुत्ते पालने से लेकर उनकी रजिस्ट्रेशन, नस्ल, देखभाल और खुले में शौच को नियंत्रित करते हैं। शहर के पशुप्रेमी, केयरटेकर और डॉग मालिक इन नियमों से सीधे प्रभावित होंगे। चंडीगढ़ में कुत्ता पालने से पहले इन कानूनों को जानना जरूरी है, नहीं तो भारी जुर्माना, गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहना होगा।
2025 चंडीगढ़ डॉग बायलॉज के बारे में क्या पता है? चंडीगढ़ नगर निगम ने कुत्तों के झुंड, डॉग बाइट्स, प्रदूषण और गैर-जिम्मेदाराना डॉग ओनरशिप को देखते हुए व्यापक नियमों को बनाया है। इसका लक्ष्य है: पालतू कुत्तों की देखभाल करने वाले लोगों को सजग करना शहर को स्वच्छ रखना खतरनाक नस्लों से सुरक्षा डॉग जनसंख्या को नियंत्रित करना पालतू और आवारा कुत्तों की देखभाल करना —– इन 7 घातक डॉग नस्लों पर बैन चंडीगढ़ अब इन नस्लों को पाल नहीं सकेगा।
यदि कोई पहले से ऐसा कुत्ता रखता है तो उसे 45 दिन के भीतर पंजीकृत करना अनिवार्य है। बैन नस्लें: Number Dog नस्ल के लक्षण: अमेरिकन बुल डॉग बहुत शक्तिशाली हैं, अमेरिकन पिटबुल लड़ाकू आक्रामक हैं, पिटबुल टेरियर बाइट फोर्स बहुत तेज हैं, बुल टेरियर अनियंत्रित रूप से आक्रामक हैं, केन कोरसो सुरक्षात्मक हैं लेकिन खतरनाक हैं, डोगो अर्जेंटीनो हंटिंग और फाइटिंग डॉग हैं, और रॉटवीलर में कई केस डॉग-बाइट के साथ होते हैं।
नोट: नगर निगम पहले से पाले गए डॉग्स को बिना रजिस्ट्रेशन के जब्त कर सकता है। —– खुले में शौच करने पर 10 हजार रुपये की सजा अब कोई भी पालतू कुत्ता सड़क, पार्क, फुटपाथ या सार्वजनिक स्थान पर शौच करने पर 10,000 रुपये जुर्माना देगा। साथ ही, हर डॉग मालिक को पूप बैग और सफाई का सामान साथ रखना अनिवार्य है। कर्मचारियों की जिम्मेदारियां: कुत्ते की गंदगी स्वयं साफ करना आवश्यक है। पट्टा (leash) नहीं पहन सकते डॉग के गले में हमेशा मेटल टैग और रजिस्ट्रेशन टोकन होना चाहिए।
– घर में कितने कुत्ते रख सकते हैं? अब मनमर्जी से अधिक कुत्ते नहीं पाल सकते हैं। संख्या घर की साइज पर आधारित है। ये सीमाएं हैं: कितने कुत्ते एक घर में रह सकते हैं। 1 कुत्ता केवल 5 मरला रख सकता है, 10 मरला अधिकतम 2 कुत्ते, 12 मरला अधिकतम 3 कुत्ते, और 1 कनाल अधिकतम 4 कुत्ते हो सकता है। यदि घर में तीन परिवार रहते हैं और प्रत्येक मंजिल पर रहते हैं, तो हर परिवार एक कुत्ता रख सकता है; हालांकि, प्रत्येक परिवार को अलग से पंजीकृत करना होगा।
डॉग रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है, नहीं तो नगर निगम इसे जब्त कर सकता है। रजिस्टर करने का खर्च: ₹500 हर पांच वर्ष में नवीनीकरण: ₹५० रजिस्ट्रेशन के बिना डॉग मिलने पर कार्रवाई मेटल टोकन डॉग के गले में होना चाहिए। बिना पंजीकृत कुत्ता पाया गया: नगर निगम प्रतिबंध लगा सकता है, मालिक को दंड मिलेगा, और कानून तक जा सकता है —– इन स्थानों पर कुत्ते ले जाना पूरी तरह वर्जित है। डॉग्स को सरकारी पार्क और सार्वजनिक पर्यटक स्थानों पर नहीं रखा जाएगा।
इनमें महत्वपूर्ण स्थान हैं: सुंदर लेक, रोज पार्क, शांति स्वर लेजर घाटी Minnie रोज पार्क टेरेस पार्क, शिवाजी उद्यान, बोटेनिकल जंगल यदि कुत्ते को इन स्थानों पर घुसते पाया गया, तो मालिक को कार्रवाई और दंड दोनों मिल सकताे हैं। —– डॉग्स से दुर्व्यवहार करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई विशेष टीम मौके पर जाकर कुत्ते के गलत व्यवहार, भूखा रखना, मारना या हिंसा की शिकायत करेगी। अपराधी घोषित होने पर: कुत्ता सीज होगा।
क्रुएल्टी अगेंस्ट एनिमल्स एक्ट के तहत मालिक पर FIR दर्ज होगा —— नए नियम भी आवारा कुत्तों के लिए Animal Birth Control (ABC) नियम लागू होंगे। खाना देने का स्थान निर्धारित किया जाएगा। फीडर्स को जिम्मेदारी से देखभाल करना चाहिए। अवैध रूप से कुत्तों को पकड़ना या मारना कानून के खिलाफ होगा। —– चंडीगढ़ डॉग बायलॉज के लाभ 2025 लाभ कैसे पशु क्रूरता पर सख्त कार्रवाई, घर के आकार के अनुसार सीमा, स्वच्छता, गंदगी, सुरक्षा और खतरनाक नस्लों पर रोक —– नुकसान और बहस विवाद का कारण पिटबुल और रॉटवीलर बैन पर विरोध: कुछ लोगों का मानना है कि वे ट्रेनिंग से नियंत्रित हो सकते हैं और छोटे घरों में सिर्फ एक डॉग रख सकते हैं; पब्लिक पार्क में डॉग्स पर प्रतिबंध; और पालतू डॉग ओनर्स।
उत्कर्ष चंडीगढ़ प्रशासन ने कुत्तों की सही देखभाल, शहर की सुरक्षा और पालतू डॉग मालिकों को अधिक जिम्मेदार बनाने के लिए ये नए नियम बनाए हैं। समुदाय और पालतू जानवरों की सुरक्षा लक्ष्य है, हालांकि कुछ नियमों पर विवाद है।